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अहिंसा और निर्भया काे न्याय

किसी भी स्थिति में हिंसा िकसी अपराध का समाधान नहीं हाे सकती. एेसे में ज्याेति के न्याय काे हम किस रूप में देखें? दाेपहर में जब पता लगा कि बलात्कार अपराधियाें की सजा बरकरार रखी गई है, ताे ये एक िमक्स फील था. राेंगटे खड़े हुए उस २३साल की लड़की के बारे में ... उस घटना की जघन्यता के बारे में साेचकर. पर साथ ही सवाल खड़ा हुआ कि ये फांसी भी ताे हिंसा है? पूरी शाम दूसराें के सुकून भरे चेहरे देखती रही... पांचवें नावालिग अपराधी काे भी फांसी हाे... कई बाेले. सबने माना ये कड़ा फैसला अापराधिक मानसिकता वालाें के हाैसले पस्त करेगा. सब अपनी जगह सही हैं शायद... हमारी संविधानिक और न्यायिक प्रक्रिया लचीली है... यही कारण है कि एक दिन पहले ही बिलकिस बानाे गैंग रेप प्रकरण में आराेपियाें काे फांसी की जगह उम्र कैद दी गई. पर सिद्धांत ताे हर स्थिति में एक से रहते हैं. अहिंसा एक सिद्धांत है और हिंसा का इकलाैता समाधान भी. यह रेयरेस्ट अॉफ दि रेयर केस था. पर सवाल अब भी वही है. ये सवाल करते समय मेरी बात काे महिला विराेधी समझे जाने का खतरा महसूस कर रही हूं... पर ये अनकहा रह गया ताे भी गलत हाेगा. मैं अपेक्षा कर रह...

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प्यार...साथ... सेक्स एक नहीं.

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यूएन के आंकड़े के हिसाब से हर तीन में से एक महिला अपने पूरे जीवन में रेप या दूसरी शारीरिक और मानसिक हिंसा काे झेलती हैं. संसार की एक अरब महिलाएं और लड़कियांं. ताे इन एक अरब काे जगाने के लिए और किसी भी हिंसा के खिलाफ अपना विराेध दर्ज कराने काे वेलनटाइन डे के दिन वर्ष २०१२ में शुरू हुआ 'वन बिलियन राइजिंग डे'. आज हम जिस प्रेम और विश्वास के दिन काे मना रहे हैं वाे किसी भी तरह के डाेमिनेशन से भरा ताे नहीं? विश्लेषण कीजिए ... कहीं प्यार/सुरक्षा/जिम्मेदारी के नाम पर पित्तसत्ता में पिस ताे नहीं जा रही भावनाएं? दाेस्त/पति/िपता/भाई से कैसा है तुम्हारा संबंध... ? कितना पेट्रियार्कल ... और हां तुम्हारा व्यवहार .... तुम भी कही उस संरचना में पैदा हाेकर उन जैसी ताे नहीं हाे गई? जांचाें अपनी परवाह कही जाने वाली हरकताें काे ... पजेशंस काे ... प्यार काे बाेझ बना लेना इन सबका परिणाम ही है. न बाेझ बनाे ...न बनने दाे. जब हम साथ काे प्यार कहते हैं ... शादी का वादा .... जन्माें का बंधन .. और भी तमाम भाव ... इनके पीछे सिर्फ एक थ्याेरी काम करती है कि हम अकेले अपने अस्तित्व की कल्पना तक नहीं कर सकते,...

महिलाओं के सार्वजनिक जगहाें पर सुरक्षित आवाजाही का सवाल काैन उठाएगा..?

16 December 2012..... ये तारीख भारत के इतिहास में एक युग की शुरूआत के ताैर पर जानी जा सकती है जब बलात्कार ...दुष्कर्म .. इज्जत लूटना ... सामूहिक दुष्कर्म .. सब बहुत तेजी से सामने आने लगा. लाेगाें काे लग...

खबर की हत्या ...

पिछले दिनाें दंगल देखी .... एक पिता अपने सपने काे पूरा करने के लिए बेटी काे राेज सुबह पांच बजे से दाैड़ाना शुरू करता है. अपने चचेरे भाई काे हराने, लड़काे काे दंगल में पटखनी देने स...

आंकड़ाें में बदनाम हाेती अभागिने

महिलाएं रेप काे हथियार बना रहीं हैं ....! सरकारी आंकड़े, विवेचना में फर्जी साबित हाे रहे दुष्कर्म के केस ताे यही बता रहे हैं. अखबार आंकड़ाें की ये कहानी सरकारी अफसराें के वर्जन ...

An open latter to the Mr. President

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राष्ट्रपति जी , जन्मदिन की बधाई शिक्षक दिवस पर आपको जानने का मौका मिला । आपसे हुई उस शुरुआत ने मेरे अंदर कुछ बदलने की शुरुआत की। उससे पहले तक मेरे लिए आज़ादी की परिभाषा कुछ और थी। उस दिन लोकतन्त्र की परिभाषा समझते हुए आपने मुझे 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' के करीब ला दिया। लोकतंत्र का मतलब सिर्फ आज़ादी नहीं , लोकतंत्र मतलब अपने लिए नियम बनाकर उसके अनुसार जीना । यानी आज़ादी का मतलब भी नियमों का पालन... , अपने बनाए नियमों का पालन। साथ ही दूसरों द्वारा अपने लिए बनाए नियमों की सुरक्षा की सजगता भी है । इसे व्यक्तिगत स्तर पर देखते हुए मेरे मन में  'व्यक्तिगत लोकतंत्र' या 'Individual's Democracy' शब्द आया। दिमाग में आने ज़्यादातर विचार पुराने अनुभव  आ  आसपास सुनी बातों के आधार पर ही पनपते है,  यही सोचकर  गूगल पर  यह शब्द खंगाला। पर फिलहाल  मुझे  'व्यक्तिगत लोकतंत्र'  पर पहले  से लिखी कोई  व्याख्या  या तथ्य नहीं मिल सका है, इसलिए अपने हिसाब से 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' को अपनी सुझाई 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' को आपकी सुझाई लोकतंत्र की ...