An open latter to the Mr. President






राष्ट्रपति जी , जन्मदिन की बधाई
शिक्षक दिवस पर आपको जानने का मौका मिला । आपसे हुई उस शुरुआत ने मेरे अंदर कुछ बदलने की शुरुआत की। उससे पहले तक मेरे लिए आज़ादी की परिभाषा कुछ और थी। उस दिन लोकतन्त्र की परिभाषा समझते हुए आपने मुझे 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' के करीब ला दिया। लोकतंत्र का मतलब सिर्फ आज़ादी नहीं , लोकतंत्र मतलब अपने लिए नियम बनाकर उसके अनुसार जीना । यानी आज़ादी का मतलब भी नियमों का पालन... , अपने बनाए नियमों का पालन। साथ ही दूसरों द्वारा अपने लिए बनाए नियमों की सुरक्षा की सजगता भी है । इसे व्यक्तिगत स्तर पर देखते हुए मेरे मन में  'व्यक्तिगत लोकतंत्र' या 'Individual's Democracy' शब्द आया। दिमाग में आने ज़्यादातर विचार पुराने अनुभव  आ  आसपास सुनी बातों के आधार पर ही पनपते है,  यही सोचकर  गूगल पर  यह शब्द खंगाला। पर फिलहाल  मुझे  'व्यक्तिगत लोकतंत्र'  पर पहले  से लिखी कोई  व्याख्या  या तथ्य नहीं मिल सका है, इसलिए अपने हिसाब से 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' को अपनी सुझाई 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' को आपकी सुझाई लोकतंत्र की परिभाषा के रास्ते चलते हुए खोजने में लगी हूँ । जब से यह शब्द दिमाग में है, इसके कई दृष्टिकोर्णों पर धायन जा चुका है। जिसमे से एक है की कैसे पहले से गढ़ी परम्पराओं का निर्वाह कर रही महिलाओं के जीवन में सुधार के लिए 'व्यक्तिगत लोकतंत्र' प्रभावी भूमिका निभा सकता है । खैर , इस विषय पर अभी मेहनत करने की ज़रूरत है । मैं कोशिश करूंगी ... अगर कर पायी तो एक किताब लिखूँगी।
आज कल ओपन लेटर यानी सार्वजनिक पत्र लिखने का दौर है ।  मेरे मन में था कि आपकी वर्तमान भूमिका और आपके शिक्षक दिवस पर एक कक्षा में संविधान विषय पर पढ़ाते हुए जो कुछ भी कहा, जिसे मैं टीवी के देख पायी और जो भी समझ पायी, उस पर कुछ लिखूँ । व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर शायद ही मिले इसलिए इस ओपन लेटर रास्ते का प्रयोग कर रही हूँ ।
मैं शिक्षक दिवस के बाद से आपसे ज्यादा प्रभावित हुई । बीते महीने असहिषुर्णता प्रकरण पर अपने प्रधानमंत्री कि चुप्पी को  देख संवेदनशीलता  दिखाते हुए जो भी कहा, वह साराहनीय था । आपने मन की सफाई और असहमति की स्वतंत्रता की जरूरत पर जो भी कहा , वह मन को छू गया । अब्दुल कलाम के समय मैं बहुत छोटी थी, इसलिए सिर्फ पढ़े और सुने हुए अनुभवों के आधार पर एक राष्ट्रपति के रूप में उनकी भूमिका को साराह सकती हूँ । पर एक राष्ट्रपति के रूप में आपके द्वारा निभाई जा भूमिका एक आम नागरिक होने के नाते मेरे लिए उत्साहवर्धक और उम्मीद बांधने वाली रही है ।
अपने उपाध्यक्ष को प्रधान कि दद्दी पर बैठने के लिए काँग्रेस पार्टी ने आपको राष्ट्रपति बनाकर अपना रास्ता साफ किया । अब यह फैसला काँग्रेस के लिए ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मरने वाला साबित हो रहा है। आप प्रधानमंत्री होते तब स्थितियाँ इस पार्टी के लिए ही नहीं देश के लिए भी वर्तमान से बेहतर होती । खैर, आपका राष्ट्रपति बनना देश के विकास में शृजनात्मक कदम साबित हो रहा है ।
आप स्वस्थ रहें ... बेबाक रहें ... सौम्य तो आप हैं ही । मेरे जैसे युवाओं को इस तरह ही अपनी गतिविधियों से प्रभावित करते रहें ।
शुक्रिया ........
       
11.12.15                                                                         - शिवांगी
                                                                                  

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president pranav mukhajee with the daughter of india Geeta

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