कहां अमवा की डाल गई, कहां पेंग बढ़ाने की हसरतें .... Byline story : 23 July 2017
ज़िंदगीनामा ,,, अल्फाजों की जादूगरी से, एहसास के सागर तटों पर, लफ्जनुमां कुछ छोटे से घरौंदे बनाने की एक जुगत है। सरल शब्दों में कहें तो कविता का संसार है। प्यार के अनूठे एहसासों का आशियाना है और राजनीति के गलियारों में झांकने का बहाना भी। ज़िंदगी के हर पहलू को समझने-विचारने, कभी सराहने तो कभी प्रश्न करने का जरिया है 'ज़िंदगीनामा'। ब्लॉग की सभी सामग्री मूल है, जिसे शिवांगी ने लिखा है।