'नश्तर'
इस आगामी लोकसभा चुनाव में सब कुछ अनोखा है। मग़र 'आईडिया' सिर्फ हमारे पास हैं।'वेदी' नें 'मोदी उपायों' की प्रशांसा यूँ थोड़े ही की...।;-)भगवा रंग में रंगे 'विकास पुरुष' हैं, तो मनमोहन के प्रिय, ..'नमों' से नाम प्राप्त 'शहजादे' हैं। प्रचारे ज़ंग में एक के पास 'प्रधानमंत्री प्रत्याशी' और 'पी एम इन वेटिंग' भी है ,तो दूसरे के पास 'सिर्फ माँ' है..। ऐसे में भगवा का 'ये रख तेरा पी एम कन्डीडेट' और अब खेलतें हैं 'पी एम-पी एम'... अभी तलक़ अनोखा नज़र आता था...।मगर ये क्या.. 'मफलर' को 'बुलटप्रूफ रक्षाकवच' की तरह हर दम पहनें ये टोपीनुमां 'केजरीवाल' इस 'पी एम-पी एम' खेल में कैसे शामिल हो सकता है! पी एम कन्डिडेट हम 'बांट' रहें हैं, ये हमारी अभी२ जन्मी प्रथा पर 'झाडू' कैसे लगा सकता है?..ठीक है ये 'झाडू लगाएगा' तो हम 'टोपी' पहनेंगे, और क्या कहा... 'शहज़ादे' तो पहले ही इस 'झाडू विधा' से 'सीखनें' को बोल चुकें हैं! देखो हम पहलें ही न कहते थे...ये 'झाडू- हाथ' एक दूसरे की 'ए-बी' टीम हैं। हम भी अब राजघाट पर धरना देंगें...!!:-P;-)
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