जींस वाली लड़कियां
मैं अच्छी तरह परिचित हूं इनसे..
सरपट दौड़तीं, उससे तेज खिलखिलातीं
साड़ी और सलवार सूट देख मुंह बिचकातीं
स्कर्ट पहनने की चाह दबाए
एक ही रंग की कई जींस खरीद लाती हैं।
हिंदुस्तानी मध्यवर्ग जैसी तो हैं।
बड़ा बनने की तमन्ना मन में लिए,
खुले कपड़ों को बस ताकती रहतीं है।
गर्मियों में जींस जब काटती हैं
तब बहुत लानत भेजतीं अपनी सनक पर।
सुना है मजदूरों का पहनावा थी जींस
एक फिल्म में देखा-
'जींस का हक, जीने का हक।'
पापा कहते 'सभ्य पहनावा'
टांगे नहीं दिखती लड़कियों की।
अब देती है घूंघट सी घुटन।
ऐसी जींस अब लगती बंधन
आसपास अपने जैसियों को
टखने-घुटने से फटी
डिजायन वाली जींस पहने देखकर
जाने क्यों लगता है
डिजायनर बुर्का पहनी हों।
- शिवांगी, 11.फरवरी. 2018

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