पुरुषवादी मीडिया ने इंदिरा को बनाया ‘आइरन लेडी’



 कल इंदिरा गांधी को सबने याद किया, उनकी हत्या के बाद आज के दिन से शुरू हुए सिख नरसंहार को भी याद करना चाहिए। वो केंद्र सरकार प्रायोजित था मतलब कांग्रेस ने कराया था। आयरन लेडी वाली उनकी इमेज भी तब की राष्ट्र वादी और पुरुषवादी मीडिया ने ही बनाई थी। हत्या और नरसंहार दोनों का ही विरोध होना चाहिए। आपातकाल लगाकर नागरिक अधिकारों को कैद करने का भी। पर मीडिया की मेहरबानी के कारण ही इंदिरा गांधी को आपातकाल के लिए कम याद किया जाता है। कई लोग तो इसे भी उनका कड़ा फैसला बताकर उनकी परोक्ष रूप से तारीफ ही करते हैं। ये बिल्कुल वैसा ही है कि जब कुछ बीस - साल बाद मोदी को याद किया जाए और उसमें गुजरात नरसंहार, कश्मीर की कैद और असम ने मुसलमानो को घुसपैठियां बनाने की उनकी तानाशाही को भी उनके 56 इंची सीने सी हिम्मत करार दिया जाए ... ऐसी हिम्मोक्रेसी से सबको बाहर आना पड़ेगा

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